राजस्थान: पानी न मिलने से 5 साल की मासूम ने प्यास से तड़प-तड़प कर तोडा दम, नानी बेहोश

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Image Credit/Source: ANI News

राजस्थान के जालौर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। रविवार को यहां एक बच्‍ची ने पानी न मिलने के कारण तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। बच्‍ची कड़ी धूप में पैदल पैदल चलकर अपनी नानी के साथ उसके मायके जा रही थी।

कड़ी धूप में नानी के साथ पैदल चल रही पांच वर्षीय बच्ची को पानी नहीं मिलने के कारण मौत होने का मामला सामने आने पर कोहराम मच गया। बन्हि इस मामले पर सत्ता में बैठी कांग्रेस चुप है, और लोगो में गुस्सा है।

प्यास से 6 साल की बच्ची ने दम तोड़ा!

घटना 6 जून की है। बुजुर्ग महिला सुखीदेवी अपनी छह साल की नातिन के साथ एक जिले से दूसरे जिले जा रही थीं। ये दूरी करीब 15 किलोमीटर की थी। रास्‍ते में बच्‍ची को प्‍यास लगी, लेकिन दूर दूर तक कोई पानी पिलाने बाला मौजूद नहीं था। 40 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा गर्मी में करीब 8-10 किलोमीटर चलने के बाद भी दोनों को पानी नहीं मिला।

नानी बेहोश हुई, बच्ची ने दम तोड़ दिया

तेज गर्मी और प्‍यास से दोनों रास्‍ते में ही गिर गईं। इस दौरान बच्‍ची की मौत हो गई। वहीं महिला बेहोश हो गई। काफी देर बाद एक चरवाहे ने देखा और गांव वालों को इसकी सूचना दी। उसने सूरजवाड़ा के सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित को फोन किया। सरपंच गांव के लोगों और पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे। महिला को पानी पिलाया, लेकिन बच्ची तब तक दम तोड़ चुकी थी।

महिला ने बताया कि तेज गर्मी के कारण हम दोनों बेहोश होकर गिर गए थे। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। थोड़ी देर बाद हल्‍की बूंदाबांदी शुरू हो गई। इस कारण मेरी जान बच गई लेकिन मेरी मासूम नातिन की पहले ही मौत हो गई थी।

रानीवाड़ा के उपखंड अधिकारी प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि:-

“महिला सुखीदेवी रानीवाड़ा जिले के डूंगरी गांव की रहने वाली हैं। रायपुर (जिले) में उनका मायका है। 6 जून की सुबह वह मायके से अपने गांव के लिए पैदल रवाना हुईं। उनके साथ में नातिन भी थी। मायके से गांव की दूरी करीब 15 किमी है। महिला के पास पीने की पानी का कोई ख़ास इंतजाम नहीं था। गर्मी काफी ज़्यादा थी। भयंकर प्यास से और डिहाइड्रेशन के कारण महिला की 5 साल की नातिन की मौत हो गई। महिला की तबीयत भी काफी ख़राब हो गई।”

मौत पर सियासत सुरु

एक बच्ची ने पानी ना मिलने से तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया, मगर सियासतदानो पर कोई फर्क नहीं पड़ा उल्टा सियासत सुरु हो गई। राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने इसके लिए राज्य की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा।

वहीं राज्य के कैबिनेट मिनिस्टर प्रताप सिंह ने कहा कि संभवतः महिला और बच्ची रास्ता भटक गए होंगे, तभी वो ऐसे रास्ते पर पहुंच गए, जो रेतीला था और जहां पानी उपलब्ध नहीं था। इसके इतर, जालौर के सांसद देव जी पटेल अब मामले की जांच की बात कर रहे है।

हाय रे सियासत और उसके पैरोकार, एक बच्ची की मौत पर भी तरस ना आया। कांग्रेस की सरकार है मगर राहुल प्रियंका सब मौन है। कांग्रेस के बड़े नेताओ ने एक बार भी मुंह खोल उस बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना तक नहीं की।

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