हिजाब पहनने वाली इन 5 महिलाओं ने दुनियाभर में अपने हुनर के दम पर कमाया नाम

0
290

देखने वालों की नजरों को हिजाब एक परेशानी नजर आता है। अक्सर लोग हिजाब में किसी भी महिला को देखने के बाद चार बातें जरूर करते हैं, लेकिन दुनिया भर में 5 ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने हिजाब में अपने हुनर का परचम लहराया है। इनका कहना है कि हमें हिजाब पहनने पर गर्व महसूस होता है। यह हमारी पहचान का हमारे धर्म का हिस्सा है। यह हमें कभी हमारी गरिमा या ताकत दिखाने से नहीं रोकता।

Social Media

मलाला यूसुफजई

मलाला यूसुफजई के नाम से शायद ही कोई ऐसा शख्स होगा जो अनजान होगा। इनके हौसले और उनके इरादों के चलते वह दुनिया भर में मशहूर है। मलाला ने 17 साल की उम्र में अपने एजुकेशन राइट एक्टिविस्ट के तौर पर दुनिया भर में प्रसिद्धि हासिल की थी। साल 2014 में मलाला को बच्चों के अधिकारों की कोशिश के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार भी दिया गया था।

वहीं मलाला को अपने इन कड़े फैसलों के चलते गोली भी झेलनी पड़ी थी। जब साल 2012 में पाकिस्तान में तालिबानी आतंकवादियों ने मलाला को सिर पर गोली मार दी थी। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन ले जाया गया था। मलाला के साथ हुई इस घटना ने दुनिया भर को झकझोर कर रख दिया था। इस दौरान दुनिया भर में मलाला के इरादों और उनके हौसलों ने खासा सुर्खियां बटोरी थी।

Social Media

हलीमा एडन

21 साल की हलिमा एडेन अपने मॉडलिंग के साथ-साथ अपने हिजाब के लिए भी खासा सुर्खियां बटोर चुकी है। हलीमा मॉडलिंग के कुछ अलग ही तरीकों और स्टाइल के लिए जानी जाती है। बीते साल हलीमा की स्विमिंग सूट की एक फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी।

दरअसल जैसे ही लोग स्विमिंग सूट का नाम सुनते हैं उनके जहन में बिकनी सूट का ख्याल आने लगता है, लेकिन हलीमा ने ऐसी सोच के लोगों को अपने इस फोटोशूट से जवाब दिया था। उनके हिजाब के साथ कैरी किए गए स्विमिंग सूट ने दुनिया भर में काफी सुर्खियां बटोरी थी। बता दे हलीमा एक ऐसी मॉडल है जो हिजाब से लेकर बुर्के तक अलग-अलग तरह के नायाब मॉडलिंग ड्रेस में नजर आ चुकी हैं।

ताहिरा रहमान

ताहिरा रहमान अमेरिका की एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने हिजाब पहनकर बतौर न्यूज़ प्रेजेंटर के तौर पर काम किया है और अपने इसी काम के जरिए उन्होंने दुनियाभर में प्रसिद्धि हासिल की है। एक दौर था जब देश में हुए 9/11 के हमले के बाद मुस्लिमों की छवि खासा प्रभावित हुई थी। उस दौरान लोग खुद को खुलेआम मुस्लिम बताने से भी खौफजदा महसूस करते थे।

ऐसे हालातों के बीच 27 साल की ताहिरा ने अपने हिजाब के साथ एक न्यूज़ प्रेजेंटर के तौर पर काम किया। उन्हें इसके लिए कई बार काफी कुछ सुनना भी पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी अपनी पहचान को लेकर कोई समझौता नहीं किया और अपनी शर्तों के साथ काम करती रही।

Social Media

तवाक्कुल करमन

तवाक्कुल करमन को द मदर ऑफ रेवोल्यूशन के नाम से जाना जाता है। तवाक्कुल अपने काम में योगदान और समाज में शांति संदेश देने के लिए साल 2011 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित की जा चुकी है। वह इस खिताब को जीतने वाली पहली यमनी महिला है। बता दें तवाक्कुल ने अपने अहिंसक संघर्ष के जरिए यमन में शांति कायम कर महिलाओं के अधिकारों के लिए काफी लंबी जंग लड़ी है।

तवाक्कुल एक ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट, पत्रकार और नेता के तौर पर दुनिया भर में जानी जाती है ।उन्होंने यमन में स्थिरता के समय सक्रियता से रिपोर्टिंग और अन्याय के साथ ह्यूमन राइट्स को लेकर अपनी बाते दुनिया के सामने रखी थी। साल 2005 में उन्होंने Women Journalists Without Chains के नाम से एक संस्था भी खोली थी। इसके जरिए उन्होंने अधिकारों और स्वतंत्रता को लेकर महिलाओं और बच्चों की वकालत की थी।

Social Media

मजीजिया भानु

30 साल की मजीजिया भानु महिलाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। वह दुनिया की पहली ऐसी महिला है जो हिजाब पहनकर रिंग ने उतर चुकी है। उनकी इस पहचान ने दुनिया भर को एक नई सोच दी थी। केरल की रहने वाली मजीजिया भानू ने साल 2018 में कोच्चि में आयोजित मिस्टर केरल प्रतियोगिता के महिला वर्ग में पार्टिसिपेट किया था। इस दौरान जब वह हिजाब के साथ बोरिंग में बॉडी बिल्डिंग के लिए उतरी तो सिर पर हिजाब बना हुआ देखकर सभी लोग काफी हैरान थे।

यह पहली बार हुआ था जब कोई महिला हिजाब पहनकर रिंग ने उतरी थी। भानु के लिए हिजाब कभी भी उनकी जिंदगी की या उनके सपनों की बाधा नहीं बना। उनका मानना है कि जिस तरह महिलाओं को तन दिखाने का अधिकार है, ठीक वैसे ही उन्हें अपने तन को ढकने का अधिकार है और वह अपनी इसी सोच के साथ अपना नाम कमाना चाहती है।

भानु का कहना है कि उन्हें हिजाब पहनकर गर्व महसूस होता है क्योंकि वह इनकी पहचान और इनके धर्म का हिस्सा है। वह उन्हें उनकी गरिमा और ताकत का एहसास दिलाता है। बता दें मजीजिया भानु केरल स्टेट पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा राज्य की सबसे ताकतवर महिला के तौर पर तीन बार खिताब जीत चुकी हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here