उद्धव ठाकरे बोले- जो लोग वीर सावरकर को नहीं मानते, उन्हें सरेआम पीटना चाहिए

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shivsena chief Uddhav Thackeray

दिल्ली यूनिवर्सिटी की आर्ट्स फैकल्टी गेट पर लगी विनायक दामोदर सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोतने के मुद्दे को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। इस मामले पर अब शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा है, “जिन लोगों को वीर सावरकर पर विश्वास नहीं है, उन्हें सार्वजनिक रूप से पीटना चाहिए, क्योंकि उन्हें भारत की स्वतंत्रता में वीर सावरकर के संघर्ष और महत्व का अहसास नहीं है। यहां तक कि राहुल गांधी ने भी अतीत में वीर सावरकर का अपमान किया है।”

आपको बता दे, ठाकरे मुंबई में एक प्रेस वार्ता में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। राजनीतिक हलकों में आशंका जताई जा रही है कि उनके इस बयान पर जमकर विवाद होगा। उनके इस इस बयान को दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई घटना से जोड़ कर देखा जा रहा है, जंहा गुरुवार को विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा पर एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं द्वारा कालिख पोत दिया था।

यंहा से सुरु हुआ मामला

मंगलवार सुबह दिल्ली यूनिवर्सिटी में डूसू प्रेसीडेंट रहे शक्ति सिंह की अगुवाई में शहीद भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस के साथ वीर सावरकर की मूर्ति लगाई गई थी। आरोप है कि इसके बाद बुधवार देर रात 3 बजे एनएयूआई प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाखड़ा की अगुवाई में सावरकर की मूर्ति पर कालिख पोती गई। गुरुवार को दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय (Delhi University) में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता एक बार फिर आमने-सामने आ गए।

डीयू (DU) की आर्ट फैकल्‍टी में एक दिन पहले ही लगाई गई विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) की प्रतिमा पर न केवल कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कालिख पोती, बल्कि जूतों की माला भी पहनाई। हालांकि, गुरुवार सुबह तक मूर्ति की सफाई कर दी गई थी। एनएसयूआई के कार्यकर्ता लगातार इसका विरोध कर रहे थे। इस पर एनएसयूआई का कहना था कि एबीवीपी ने दोनों स्‍वतंत्रता सेनानियों के साथ सावरकर की प्रतिमा लगाकर इनका अपमान किया है।

छात्रों का कहना था कि सावरकर का स्‍वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं था। वह देशभक्‍त नहीं देशद्रोही थे। इसी के चलते प्रतिमा पर स्‍याही पोती गई। दोनों ही पक्षों ने पुलिस में शिकायत दी है। इस बीच डीयू प्रशासन अभी चुप्पी साधे हुए है।

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री ने दिया ये बयान

इस मसले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वीर सावरकर कई क्रांतिकारियों के गुरु थे। पूरे सावरकर परिवार ने भारत की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। हम चाहते हैं कि जो भी घटना हुई है उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। बता दे, इस घटना ने अब राजनैतिक मोड़ ले लिया है। जंहा एक तरफ भाजपा की सपोर्टर पार्टियां वीर सावरकर के समर्थन में है, वंही कांग्रेस समेत अन्य कई दल के नेता वीर सावरकर के विरोध में अक्सर खड़े दिखाई देते है। जिसमे राहुल गाँधी के बयान को जोड़ कर देखा जा सकता है।

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