सावन के आखिरी शनिवार को करे ये खास उपाय, शिव कृपा से मिलेगी शनि प्रकोप से मुक्ति

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Sawan Shani Puja Vidhi

भगवन शिव (Lord Shiva) का पवित्र माह सावन में आज शनिवार का आखिरी दिन है। इसी के साथ आज एकदशी (Ekasdashi) का शुभ योग भी बन रहा है। ऐसे में आज के दिन शनि पूजन (Shani Dev Worship) से दोगुने फल प्राप्ति के योग बन रहे है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, कर्मप्रधान शनिदेव को कर्मो का देवता माना गया है, शनिदेव मनुष्य को उसके कार्यो के अनुसार दंड व फल प्रदान करते है। बैसे तो सावन महीने के हर दिन का महत्व होता है, लेकिन सावन का शनिवार धन प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

धार्मिक मान्यताओं के आधार पर, सावन में शनि की उपासना से वर्ष भर शनि उपासना की आवश्यकता नहीं रहती। इसमें शनि की कृपा बहुत सरलता से मिल सकती है। इस बार सावन के अंतिम शनिवार को दशमी तिथि का संयोग बन गया है। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, इसलिए यह शनिवार विशेष फलदायी हो गया है। इस दिन शनि सम्बन्धी हर समस्या का निवारण हो सकता है। साथ ही शनि कृपा के साथ साथ शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त किया जा सकता है।

सावन में शनि देव पूजा विधि

Lord Shani Dev

सावन में शनिवार के दिन महत्व होता है। इस दिन शिव जी की कृपा पाने के लिए आप विशेष रूप से पूजा-पाठ कर सकते हैं। सावन के शनिवार को शिव जी की पूजा करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। शनिवार को शनि कृपा के लिए पूजा, व्रत, दान के कई उपाय बताए गए हैं। वहीं, शास्त्रों के मुताबिक शनि का अप्रसन्न होने का अर्थ है मुसीबतों का मार्ग खुलना।

यदि व्‍यक्‍ति शनिवार को भगवान शनि की पूजा मन और सही तरीके से की जाए तो शनिदेव की असीम कृपा मिलती है और ग्रहों की दशा भी सुधरती है। जिससे मनुष्य के जीवन में सुख शांति व धन का आगमन होता है। तो आइये जानते हैं शनिवार को शनि देव की पूजा कैसे की जाती है जिससे आपको फल प्राप्‍त हो

tambe Ka lota, तांबे का लोटा

तांबे के लो़टे में जल लेकर उसमें थोड़े काले तिल डालें और उस जल से शिव जी का जलाभिषेक करें। शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं, उसमें काली उड़द की साबुत दाल, थोड़े काले तिल और एक लोहे की कोई कील या अन्य वस्तु डाल दें। काले तिल, काला कपड़ा, उड़द की दाल किसी जरूरतमंद को दान करें। इससे शनि की कृपा मिलती है।

यदि आपके घर के आस पास शनि देव का मंदिर ना हो तो दिया पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं। शनि महाराज को तेल के दिये के साथ काली उड़द और फिर कोई भी काली वस्‍तु भेंट करें। शनि देव को भेंट चढ़ाने के बाद शनि चालीसा पढ़ें। शनि देव की पूजा करने के बाद हनुमान जी भी पूजा करें। उनकी मूर्ति पर सिंदूर लगाएं और केला चढ़ाएं। आखिर में शनि देव का मत्र पढ़ें। ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:

Shanidev Jayanti
Image Source- Social Media

शनिवार के दिन काला या गहरा नीला वस्त्र पहनना शुभ होता है। शनिदेव को नीला फूल काफी पसंद है उन्हें नीला फूल अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला से शनिदेव के मंत्र का जाप करें। कम से कम एक माला करें। पीपल के पेड़ पर जल चढ़ा कर सात बार परिक्रमा करें। हो सके तो सरसों के तेल का दीपक जलाएं। और साथ ही शनिदेव से अपने पापो की क्षमा याचना करे, शास्त्रों के अनुसार शनि देव को कर्मो का देवता माना जाता है। इसलिए शनिदेव मनुष्य को उसके कर्मो के आधार पर दंड देते है।

सावन में शनि पूजन लाभ

संतान सम्बन्धी हर समस्या दूर हो सकती है, साथ ही आर्थिक समस्याएं और कर्ज से छुटकारा मिल सकता है। स्वास्थ्य और आयु की रक्षा का वरदान मिल सकता है। दुर्घटनाओं से रक्षा हो सकती है। साढ़ेसाती और ढैय्या की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। शास्त्रों के अनुसार सावन में शनि पूजन करने से पुरे वर्ष शनि दोष से मुक्ति मिलती है। इसीलिए अगर किसी ब्यक्ति पर साढ़े साती का शनि प्रकोप चल रहा है, तो आज का आखिरी शनिवार उसके लिए वरदान साबित होगा। इस दिन सच्चे मन से शनि पूजन करने पर सभी प्रकार के शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

शनिवार को राशि अनुसार करे ये उपाय

  • मेष – शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं और शनि मंत्र का जप करें
  • वृष – पीपल के नीचे दीपक जलाएं, नमः शिवाय का जप करें
  • मिथुन – शनि मंत्र का जप करें, पीपल का पौधा लगाएं
  • कर्क – पीपल के नीचे दीपक जलाएं, भोजन का दान करें
  • सिंह – शिव मन्त्र का जप करें, सिक्कों का दान करें
  • कन्या – शिव जी को बेलपत्र अर्पित करें, दीपक जलाएं
  • तुला – काली दाल का दान करें, शिव मंत्र का जप करें
  • वृश्चिक – शनि मंत्र और शिव मंत्र का जप करें
  • धनु – खाने पीने की चीजों का दान करें, शनि मंत्र का जप करें
  • मकर – शिव जी को जल अर्पित करें और दीपक जलाएं
  • कुम्भ – शिव मंत्र का जप करें, काली वस्तुओं का दान करें
  • मीन – शनि मंत्र का जप करें, पीपल का पौधा लगाएं

शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव को कर्म का देवता माना गया है, ऐसे में मनुष्य को कर्मो के आधार पर दंड और फल देना शनिदेव के हांथो में है। शनि देवता को न्याय का देवता कहते हैं अगर किसी से नाराज हो जाते हैं तो उसकी जीवन में समस्याओं की लंबी लाइन लग जाती है। ऐसे लोगों को शनिवार के दिन शनि देव की विशेष आराधना करनी चाहिए। मान्यता है, कि सावन में शनिदेव की विशेष पूजा करने पर सभी पापो से मुक्ति मिलती है। साथ ही मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

शनि देव को न्‍याय का देवता माना जाता है। बहुत से लोग उनसे डरते हैं मगर वह ऐसे देवता हैं जो सभी के कर्मों का फल देते हैं। उनसे कोई भी बुरा काम नहीं छुपा है। कुंडली में यदि शनि अशुभ हो तो व्यक्ति को किसी भी काम में आसानी से सफलता नहीं मिल पाती है। वंही अगर शनि की शुभ छाया जातक पर पड़े तो बारे न्यारे हो जाते है।

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