नींबू, मिर्च, और नारियल से अगर राफेल की रक्षा होगी तो राफेल खरीदा क्यों: कांग्रेस नेता उदित राज

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Rafale Pujan

फ्रांस सरकार से राफेल डील को लेकर कांग्रेस सरकार ने लगातार केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। लेकिन जिस तरह से राफेल की पहली खेप को आधिकारिक रूप से रिसीव करने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह फ्रांस पहुंचे और उन्होंने इसकी शस्त्र पूजा की उसके बाद इसपर लगातार विवाद हो रहा है। कांग्रेस (Congress) नेता उदित राज (Udit Raj) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) द्वारा राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Jet) की शस्त्र पूजा किए जाने पर सवाल उठाया है।

बता दे, तमाम विपक्षी दल के नेता राजनाथ सिंह पर शस्त्र पूजा करने को लेकर निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे तमाशा बताया था, जबकि कांग्रेस के दूसरे नेता उदित राज ने सवाल पूछा है कि आखिर राफेल खरीदा ही क्यों हैं। दित राज ने कहा है कि राफेल की रक्षा के लिए नींबू, मिर्च और नारियल का सहारा लिया जा रहा है। अगर नींबू, मिर्च और नारियल से ही रक्षा हो रही है तो राफेल क्यों लिया? बता दें कि देश के कई हिस्सों में धार्मिक मान्यता है कि अगर कुछ नया सामान खरीदा जाता है तो उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके लिए नींबू, मिर्च और नारियल भी चढ़ाया जाता है।

नींबू, मिर्च, नारियल से कर लेते रक्षा- उदित राज

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उदित राज ने राफेल की पूजा करने पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार संविधान के तहत चलती है। इसका कोई धर्म नहीं है। मिर्च नींबू और नारियल से पूजा के साथ या बाद राफेल को एयरफोर्स में शामिल किया गया है। इसका क्या मतलब है, बिना अंधविश्वास के यह नींबू, मिर्च और नारियल की ताकत से यह सफल नहीं हो सकता है, अगर मिर्च, नींबू और नारियल में ही इतनी ताकत है तो राफेल खरीदा ही क्यों। मिर्च, नींबू और नारियल से ही राफेल की रक्षा होगी तो इसी से रक्षा कर लीजिए।

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उदित रात ने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि जो शिक्षक हैं, वैज्ञानिक हैं, छात्र हैं, उनपर क्या असर पड़ेगा। क्या इस देश के अंदर वैज्ञानिक सोच विकसित हो पाएगी, क्या हम तकनी और शोध कर पाएंगे। क्या दुनिया के नजर में हमारी हंसी नहीं होगी। यह काम करके हम विज्ञान और तकनीक का गलत विश्लेषण कर रहे हैं। यही कारण है कि हम शोध नहीं कर पाए, हम चाहते हैं कि वैज्ञानिक सोच का विकास हो।

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उदित राज आगे कहते हैं, ‘क्यों इससे दुनिया की नजरों में हमारी जगहंसाई नहीं होगी जो यह बात कर के हम साइंस और टेक्नोलॉजी को डीवैल्यू कर रहे हैं। धर्मांधता का क्षेत्र अलग है और अंधविश्वास का क्षेत्र अलग है। विज्ञान का अलग है। यही कारण है कि हम अभी तक इन्वेंशन (आविष्कार) नहीं कर पाए। एयरक्राफ्ट नहीं बना पाए। हम चाहते हैं साइंटिफिक डेवलपमेंट हो यही हमारे कहने का मतलब है?’

खड़गे ने बताया राफेल पूजा को तमाशा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राफेल की शस्त्र पूजा को तमाशा करार देते हुए कहा था कि नकी पार्टी ने जब बोफोर्स तोप खरीदी थी तो यह सब दिखावा नहीं किया था। कोई भी उसे खरीदने और लाने के लिए नहीं गया था, हमने कोई दिखावा नहीं किया था। राफेल को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारतीय वायुसेना के अधिकारी इस बात की पुष्टि करेंगे कि राफेल अच्छे हैं या नहीं। ये लोग वहां जाते हैं और एयरक्राफ्ट के भीतर बैठकर दिखावा करते हैं। बता दें कि 36 राफेल एयरक्राफ्ट की डील 23 सितंबर 2016 को हुई थी, यह करार भारत सरकार और फ्रांस सरकार के बीच हुआ था।

राफेल विमान की नींबू-मिर्च से पूजा और बहस

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राफेल लड़ाकू विमान को बुरी नजर से नींबू बचाएगा? इसको लेकर देश में बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे को लेकर पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप हैं। बता दें कि दशहरा के दिन फ्रांस (France) ने भारत को RB 001 राफेल विमान सौंपा है। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) राफेल की पहली खेप लेने खुद फ्रांस गए और इस अवसर पर उन्होंने धार्मिक रीति-रिवाज से राफेल की पूजा-अर्चना की थी।

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