ट्रैफिक नियम: DL-RC नहीं दिखाने पर तत्काल चालान नहीं काट सकती ट्रैफिक पुलिस, जानिए नियम

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New Motor Vehicle Act 2019

पुरे देश भर में नए मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act 2019) के लागू हो जाने के बाद अगर किसी का सामना ट्रैफिक पुलिस से हो जाए, तो हालत खराब होना तय है। वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टीफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर ताबड़तोड़ चालान काटने की खबरें आ रही हैं। सरकार ने फाइन में कई गुना की बढ़ोतरी की है।

जब पुलिस आपको पकड़ती है और आपके साथ में वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी), इंश्योरेंस सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट साथ में नहीं भी है तो घबराने की जरूरत नहीं है। क्यूंकि क़ानूनी नियमो के मुताबिक ये कोई जुर्म नहीं है। इसलिए ट्रैफिक पुलिस आपका चालान नहीं काट सकती है। इस आर्टिकल में आपको नियमों की जानकारी दे रहे हैं।

ट्रैफिक नियमो में आपके अधिकार

गाड़ी चलाते वक्त चार पेपर होना बहुत जरूरी है। ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस सर्टिफिकेट और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट होना जरूरी है। अगर आप इसकी हार्ड कॉपी नहीं रखना चाहते हैं तो मोबाइल में डिजिटल कॉपी रख सकते हैं। ऐसे में अगर आप अपना DL घर भूल गए हैं और ट्रैफिक पुलिस आपको पकड़ती है तो डिजी लॉकर में रखी डिजीटल कॉपी को दिखाकर आप काम चला सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के एक सीनियर बकील के अनुसार, सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि वाहन चालक को दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान नहीं काट सकती है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर चालक 15 दिन के अंदर इन दस्तावेजों को दिखाने का दावा करता है, तो ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अधिकारी वाहन का चालान नहीं काटेंगे। इसके बाद चालक को 15 दिन के अंदर इन दस्तावेजों को संबंधित ट्रैफिक पुलिस या अधिकारी को दिखाना होगा।

सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 139 में प्रावधान किया गया है कि अगर आपने ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन नहीं किया है तो पेपर नहीं होने पर ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान नहीं काट सकती है। हालांकि, आपको कोर्ट या RTO ऑफिस का चक्कर जरूर लगाना होगा। 15 दिनों के भीतर आप जरूरी दस्तावेज दिखाकर चाला न से बच सकते हैं। अगर ट्रैफिक पुलिस चालान काट भी देती है तो कोर्ट में इसे खारिज कर दिया जाएगा। लेकिन यंहा ध्यान योग्य बात ये है, कि आपके कागजात चलन डेट से पहले के बने हुए हो।

अगर ट्रैफिक पुलिस करे मनमानी

मोटर व्हीकल एक्ट 2019 की धारा 158 के तहत एक्सीडेंट होने या किसी विशेष मामलों में इन दस्तावेजों को दिखाने का समय 7 दिन का होता है। अगर ट्रैफिक पुलिस आरसी, डीएल, इंश्योरेंस सर्टीफिकेट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस और परमिट सर्टिफिकेट तत्काल नहीं दिखाने पर चालान काटती है, तो चालक के पास कोर्ट में इसको खारिज कराने का विकल्प रहता है।

अगर ट्रैफिक पुलिस गैर कानूनी तरीके चालान काटती है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं होता है कि चालक को चालान भरना ही पड़ेगा। ट्रैफिक पुलिस का चालान कोई कोर्ट का आदेश नहीं हैं और इसको कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। अगर कोर्ट को लगता है कि चालक के पास सभी दस्तावेज हैं और उसको इन दस्तावेजों को पेश करने के लिए 15 दिन का समय नहीं दिया गया, तो वह जुर्माना माफ कर सकता है।

तीन तरह के होते है चालान

जानकारी के लिए बता दें कि चालान तीन तरीके का होता है। अगर ट्रैफिक पुलिस नियमों को तोड़ने के लिए पकड़ती है तो उसी वक्त चालान काट दिया जाता है। चालान के पैसे भी उसी वक्त जमा करने होते हैं। ऐसी परिस्थिति में चालान का रसीद लेना न भूलें। अगर आपके पास उस वक्त पैसे नहीं है तो ट्रैफिक पुलिस आपका लाइसेंस लेकर चालान दे देती है। हालांकि, बाद में आपको कोर्ट जाना होगा। कोर्ट में जुर्माना भरकर आप अपना लाइसेंस वापस ले सकते हैं।

घर भेजा जा सकता है चालान- ट्रैफिक नियम

ट्रैफिक नियमो के मुताबिक अगर कोई ट्रैफिक नियमों को तोड़कर भाग जाता है और पुलिस गाड़ी नंबर नोट कर लेती है तो उसके आधार पर चालान घर भी भिजवाई जा सकती है। नोटिस चालान में आरोपी के पास एक महीने का वक्त होता है। जुर्माना स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ऑफिस में जमा करवाया जा सकता है। एक महीने के बाद चालान कोर्ट भेज दिया जाता है।

कुछ चालान कानून को तोड़ने की स्थिति में काटे जाते हैं। मसलन ड्रंक एंड ड्राइव के मामले में कोर्ट का चालान काटा जाता है। इस मामले में जुर्माना के अलावा सजा का भी प्रावधान होता है। इस चालान को उसी समय या स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ऑफिस में नहीं जमा करवाया जा सकता है। चालान भरने के लिए कोर्ट जाना होगा। इसी के साथ ट्रैफिक पुलिस के पास गाड़ी को जब्त करने का भी अधिकार है। लावारिस हालत में गाड़ी खड़ी करने पर, जहां पार्किंग न हो और वहां पार्किंग करने पर, डॉक्यूमेंट नहीं होने पर, ऐसी स्थितियों में ट्रैफिक पुलिस गाड़ी जब्त भी कर सकती है।

सभी पुलिसकर्मी नहीं काट सकते हैं चालान

ट्रैफिक नियमो के अनुसार, ट्रैफिक कांस्टेबल को फाइन करने का अधिकार नहीं है। फाइन काटने का अधिकार केवल ZO को है। हेड कांस्टेबल 100 रुपये तक फाइन वसूल कर सकता है। ASI, SI 100 रुपये से ज्यादा का फाइल वसूल सकते हैं। कोई भी ट्रैफिक अधिकारी जब तक वर्दी में न हो और उसपर नेम प्लेट न हो, वह आपका फाइन नहीं कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है तो आप उसका विरोध कर सकते हैं। नियमो के मुताबिक ऐसा करना गैर क़ानूनी होता है।

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