बेटे को पढ़ाने के लिए किसान बाप किडनी तक बेचने को था तैयार, बेटा बना IPS अफसर

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farmer father was ready to sell even to kidney for his IPS officer son's study
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झारखंड, UPSC की परीक्षा देना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इस परिक्षा को वही पसा करता है जो इस बात का इरादा बना कर आगे बढ़े की उसको आगे चल कर एक अफसर की कुर्सी पर बैठना है। हर साल लाखों युवा IAS और IPS जैसे रुतबे वाले पद के लिए अपनी किस्मत आजमाते हैं। आज हम जिनके बारे में आपको बताने जा रहे हैं वो भी यही सपना देखा करते थे। इतना ही नहीं अपने बेटे का ये सपना पूरा करने के लिए उस शख्स के किसान पिता अपनी किडनी तक बेचने को तैयार थे।

IPS Officer Inderjeet Mahatha
IPS Officer Inderjeet Mahatha

ये कहानी है झारखंड के इंद्रजीत महथा की जो आज आईपीएस ऑफिसर हैं। उन्होंने साल 2008 में दूसरे प्रयास में परीक्षा पास की थी और अपने बेटे की इसी पढ़ाई के लिए पिता किडनी तक बेचने को तैयार थी, लेकिन फिर बेटे बेटे ने समझाया तो आखिर उन्होंने अपने खेत को बेचकर बेटे की पढ़ाई के लिए पैसा जुटाया।

आज IPS अफसर बने इंद्रजीत महथा ने एक समय पर काफी संघर्ष किया है, जीने के लिए भी और पढ़ने के लिए भी। उनकी इस संघर्ष भरी जिंदगी के बारे में जानने से आपको भी नई ऊर्जा मिलेगी। इसके पीछे कारण है इंद्रजीत को वो मेहनत जिसने हर मुसीबत को ठेंगा दिखाकर अपने सपनों को पूरा किया। उनके इस संघर्ष में उनके पिता ने भी बड़े त्याग किए। कच्चे घर में रहते हुए इंद्रजीत ने पढ़ाई की।

IPS Officer Inderjeet Mahatha
IPS Officer Inderjeet Mahatha

इंद्रजीत महथा बताते हैं कि यहां तक कि उनके पास नई एडीशन की किताबें खरीदने तक के पैसे नहीं होते थे। इंद्रजीत आगे बताते हैं कि उन्होंने पुरानी और रद्दी हो चुकी किताबों से पढ़ाई की। जब इंद्रजीत को गांव छोड़ अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आना पड़ा तो उनके पास पैसे नहीं थे तब उनके पिता ने अपनी किडनी बेच कर पैसे जुटाने का मन बनाया था।

ये जानकर बेटे ने पढ़ाई छोड़ने का फैसला किया इंद्रजीत के इस फैसले के आगे पिता की एक न चली और उन्होंने ये जिद छोड़ अपने खेत बेचकर पैसे जुटाए। एक किसान के लिए उसके खेत उसकी औलाद से कम नहीं होते लेकिन पिता को अपने बेटे पर पूरा विश्वास था। सबसे बड़ी बात ये है कि जिस जगह के इंद्रजीत हैं। वहां शायद ही इस पद के बारे में कभी किसी ने सुना हो। पिछले पचास-साठ सालों से वहां से कोई नहीं बना।

IPS Officer Inderjeet Mahatha
IPS Officer Inderjeet Mahatha

बता दें कि एक इंटरव्यू में इंद्रजीत ने अपने संघर्ष को बताते हुए कहा कि जिस घर में वो रहते थे, वह मिट्टी और खपरैल से बना था। एक समय ऐसा आया था कि जब उस घर में भी दरारें आ गई थीं। मजबूरी में उनकी मां और दोनों बहनों को घर छोड़कर मामा के घर जाना पड़ा, लेकिन वो नहीं गए, क्योंकि उनकी पढ़ाई का नुकसान होता। इंद्रजीत आगे बताते हैं कि केवल एक आदमी के सहयोग से उनके पिताजी ने खुद घर बनाया।

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