जब भारत के इस सबसे बड़े ठग ने बॉलीवुड के महानायक के फिल्म की हालत कर दी थी ख़राब

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अमिताभ बच्चन

कभी कभी फिल्म जगत के मशहूर और सुपरस्टार्स को भी ऐसी स्थिति से दो-चार होना पड़ता हैं जिसके बारे में उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होता है। ऐसा ही एक वाकया बॉलीवुड के महानायक और शहंशाह के नाम से जाने जाने वाले अमिताभ बच्चन के साथ हुआ था। बात उन दिनों की है जब अमिताभ बच्चन का करियर बहुत तेजी से आसमान की तरफ बढ़ते जा रहा था, उन दिनों उनकी फिल्म ‘चुपके चुपके’ और ‘शोले’ सुपर डुपर हिट हुई थी और उसके पास वह बॉलीवुड के मशहूर प्रोडूसर बंधू टोनी और टीटू की फिल्म ‘राम बलराम’ करने जा रहे थे। मगर किसी वजह से फिल्म अगले कुछ महीनों के लिए टल गई थी और तब प्रोडूसर के दिमाग में विचार आया फिल्म ‘नटवरलाल’ का।

नटवरलाल के लिए अमिताभ बच्चन को लीड रोल के लिए चुना गया और उसमें अमजद खान और रेखा की भूमिका भी तय हो गई। अब बात तय हुई कि जल्दी से मई के महीने में फिल्म की शूटिंग कश्मीर में शुरू कर दी जाए। मगर बात यह थी कि अभी तक फिल्म का ना ही कुछ स्क्रिप्ट तैयार था ना ही स्क्रीनप्ले, ऐसे में तय हुआ कि पहले फिल्म के गानों की शूटिंग कर ली जाए जिसके लिए प्रोड्यूसर और अन्य मशहूर गीतकार आनंद बक्शी के पास पहुंचे। जिनसे उन्होंने फिल्म के लिए कुछ है गानों की गुजारिश की। बक्शी साहब ने पान चबाते हुए कहा, ‘मेरे घर से बाहर निकल जाओ, मैंने दूसरे प्रोडूसर से भी वादा किया है, इसलिए मैं तुमसे पहले उन लोगों को गाने दूंगा।’

खैर किसी तरह आनंद बक्शी को समझाया बुझाया गया और उन्हें आखिरकार तैयार कर लिया गया। उन दिनों रिकॉर्डिंग स्टूडियो की बुकिंग भी आज के जैसे रातो-रात नहीं हो पाती थी, मगर किसी तरह स्टूडियो भी बुक कर लिया गया। यह सोच कर कि जैसे ही लिरिक्स आएंगे फटाक से गाने भी रिकॉर्ड कर लिए जाएंगे। कुछ वक्त बाद आनंद बक्शी साहब ने देखते ही देखते लिरिक्स तैयार करती और उसके बाद राजेश रोशन साहब ने और लिरिक्स को आधे घंटे में को धुन में पिरो दिया और तब तैयार हुआ फिल्म का सबसे हिट गाना “परदेसिया यह सच है पिया सब कहते हैं तूने मेरा दिल ले लिया।”

कम ही लोग जानते होंगे कि फिल्म ‘नटवरलाल’ पहली बॉलीवुड की फिल्म थी जिसमें अमिताभ बच्चन ने खुद गाना गाया था। फिल्म का वह गाना आपको जरुर याद होगा जब अमिताभ बच्चन जंगल में भागते हुए बच्चों के पास आ जाते हैं और वहां पर गाना गाते हैं ‘मेरे पास आओ..’। हालांकि बिग बी ने इससे पहले भी साल 1976 में रिलीज फिल्म ‘कभी कभी’ में साहिर लुधियानवी की लिखी हुई कुछ पंक्तियों को कविता की तरह पढ़ी थी लेकिन वह गाना नहीं था। इस लिहाज से जब पहली बार था जब अमिताभ बच्चन ने कोई गाना गाया हो।

फिल्म में सबसे बड़ा ट्विस्ट तो तब आया जब भारत के मशहूर ठग नटवरलाल को यह बात पता चली कि फिल्म जगत में उनके नाम पर अमिताभ बच्चन अभिनीत कोई फिल्म बन रही है। इससे वो एकदम नाराज हो गया और उन्होंने अपने वकील की मदद से फिल्मेकर को लीगल नोटिस तक भेज दी। अब आप सोच सकते हैं कि भारत का एक ठग जो ना सिर्फ भारत के व्यापारियों और कारोबारियों को बल्कि विदेशों के भी मशहूर उद्द्योगपतियों को चुना लगा चुका था उसने यहां पर अपने नाम पर फिल्म बनने से नाराज होकर कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया।

खैर किसी भी तरह से कानूनी पचड़े से बचने के लिए फिल्म की रिलीज के कुछ ही दिन पहले उसका नाम बदलकर ‘मिस्टर नटवरलाल’ कर दिया गया। मगर फिल्म के नाम बदलने पर परेशानी यहीं पर खत्म नहीं हुई थी और काफी माथापच्ची करने के बाद आखिरकार प्रड्यूसर को अपनी फिल्म के नाम में अमिताभ बच्चन का भी नाम जोड़ना पड़ा। आखिरकार फिल्म का नाम रखा गया ‘अमिताभ बच्चन इन एंड एज मिस्टर नटवरलाल’ और सेंसर सर्टिफिकेट पर भी यही लिखा हुआ था।

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि आखिर यह नटवरलाल था कौन जिसने अमिताभ बच्चन की फिल्म की हालत खराब कर दी और इतने सारे परेशानियां फिल्म प्रोड्यूसर को भी झेलने पर मजबूर कर दिया। बता दें कि साल 1987 में जब वाराणसी पुलिस ने ठग नटवरलाल को गिरफ्तार किया तब उसके कुछ इंटरव्यू सामने आए थे उनसे पूछा गया कि आप की कहानी पर बनी फिल्म मिस्टर नटवरलाल आपने देखी है, तो उन्होंने कहा नहीं। जब मैं खुद ही असली हीरो हूं तो नकली हीरो कर क्यों देखूं। जब मुझे इस फिल्म के बारे में पता चला तो मैंने इसके निर्देशक निर्माता पर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। ये वही नटवरलाल है जिसने ताजमहल और संसद भवन तक को फर्जी तरीके से बेच दिया था।

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