हस्तरेखा शास्त्र: हथेली पर मौजूद ये एक रेखा व्यक्ति को बनाता है भाग्यशाली, जानिए सबकुछ

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Palmistry bhagya rekha

हाथों की रेखाओं और बनावट से भविष्य जानने की विद्या को हस्तरेखा ज्योतिष कहते हैं। हस्तरेखा विद्या का इतिहास काफी प्राचीन है और आज भी यह ज्योतिष के सबसे प्रामाणिक विद्याओं में से एक है। हस्तरेखा ज्योतिष में किसी व्यक्ति का भाग्य कैसा है और आने वाले समय में उसका भाग्य किस दिशा में सफलता दिलाएगा यह हथेली में बनी भाग्य रेखा के आधार पर तय होता है।

हथेली की रेखाओं और बनावट का गहनता से अध्ययन किया जाए तो किसी भी व्यक्ति के विषय में कई गुप्त बातें भी आसानी से मालूम की जा सकती हैं। यहां जानिए हथेली में मणिबंध देखकर किन बातों को मालूम किया जा सकता है। भाग्य रेखा के आकार से यह जाना जा सकता है कि वह व्यापार करेगा या नौकरी। उस ब्यक्ति का आने बाला समय कैसा होगा, भविष्य की उज्जवलता और अंधकारता की भविष्यबाणी रेखाओ के द्वारा हस्तरेखा शास्त्र से की जाती है।

मणिबंध हस्त रेखा विस्तार

हमारे हाथ में हथेली जिस स्थान से प्रारंभ होती है, वहां आड़ी अवस्था में कुछ रेखाएं होती हैं, इन्हीं रेखाओं को मणिबंध कहा जाता है। हथेली का ये हिस्सा भी व्यक्ति की उम्र और भाग्य से जुड़ी कई बातें प्रकट कर देता है। हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार मणिबंध देखकर व्यक्ति की संभावित उम्र का आंकलन भी किया जा सकता है।

हस्तरेखाओ का जीवन प्रभाव

ऐसी रेखा जो मणिबंध से आरंभ होकर सीधे शनि पर्वत पर जाकर मिलती है उसे भाग्य रेखा कहते हैं। अगर यह भाग्य रेखा मणिबंध से आरंभ होकर मध्यमा अंगुली के नीचे बने शनि पर्वत तक जा मिले तो यह बहुत ही शुभ होती है।

हस्त रेखा शनि पर्वत पर पहुंचकर दो भागो में बंट जाए तो और एक हिस्सा गुरु पर्वत पर जाकर मिले तो उस व्यक्ति को मान-सम्मान और उच्च पद हासिल होता है। अगर भाग्यरेखा मणिबंध से शुरू होकर बिना कटे हुए एकदम सीधे शनि पर्वत पर जाकर मिलती हो तो व्यक्ति का जीवन सुख और ऐशोआराम के साथ बीतता है।

हस्त रेखा शास्त्र के अनुसार, भाग्य रेखा जितनी गहरी और लंबी होती है उस व्यक्ति का भाग्य उतना ही अच्छा होता है। हथेली पर अगर भाग्य रेखा के साथ शनि पर्वत उठा हुआ हो तो व्यक्ति के पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं होती है।

यदि किसी व्यक्ति की हथेली का यह भाग भरा हुआ हो, मांसल हो, यहां कलाई की हड्डी दिखाई नहीं देती हो तो यह शुभ लक्षण होता है। ऐसी हथेली कलाई के साथ मजबूती के साथ जुड़ी हुई दिखाई देती है, मणिबंध का भाग सुंदर दिखाई देता है तो यह व्यक्ति को भाग्यशाली बनाता है।

यदि किसी व्यक्ति की हथेली के मणिबंध में सिर्फ एक ही रेखा हो और वह श्रेष्ठ गुणों वाली है तो यह भी शुभ लक्षण होता है। यहां शुभ लक्षण का अर्थ है कि मणिबंध की रेखा कलाई के चारों ओर हो और उसमें जौ के आकार के यव की लड़ियां हों और रेखा खंडित ना हो तो व्यक्ति को जीवन में कई उल्लेखनीय कार्य करता है। इन्हें धन संबंधी सुख भी प्राप्त होते हैं।

जीवन पर सूर्य रेखा का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य रेखा के साथ अगर मष्तिष्क रेखा भी बने तो यह काफी शुभ और लाभदायी होता है। कहा जाता है कि जिनकी हथेली पर ऐसी रेखाएं होती है, वो धनवान और भाग्यशाली होते है। माना जाता है कि ऐसे लोग सभी कार्यों में सफलता पाते हैं।

अगर हथेली पर दो सीधी सूर्य रेखाएं बनती है तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि जिनकी हथेली में यह बनता है, उसके पास धन, वैभव की कोई कमी नहीं रहती है। समाज में मान-सम्मान भी खूब मिलता है। माना जाता है कि ऐसे लोगों को किस्मत का साथ भरपुर मिलता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य रेखा सूर्य पर्वत पर न बने तो उसे किसी भी काम में सफलता जल्दी नहीं मिलती है। बहुत प्रयास करने के बाद ही उसे सफलता मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर सूर्य रेखा पर त्रिभुज या रथ जैसा शुभ चिन्ह बना हो, तो वैसे लोग अपने क्षेत्र की बुलंदियों पर रहते हैं। उनके पास भी धन, वैभव और मान-सम्मान की कोई कमी नहीं रहती है।

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