पीएम मोदी बोले- कान में ‘ॐ ‘ और ‘गाय’ शब्द पड़ते ही कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं

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Pm Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Pm Narendra Modi) ने बुधवार को मथुरा में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत की। आपने अक्सर देखा होगा तमाम विपक्षी पार्टियां अक्सर भारतीय जनता पार्टी पर गाय के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाती आई हैं। इस बार कान्‍हा की नगरी मथुरा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ओम’ और ‘गाय’ के बहाने विपक्ष पर करारा वार किया। आज (बुधवार) उत्तर प्रदेश के मथुरा में पशु आरोग्य से जुड़ी कई योजनाओं का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इन्हीं विरोधियों पर जमकर तंज कसा।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में ‘ओम’ शब्‍द सुनते ही कुछ लोगों के कान खड़े हो जाते हैं, कुछ लोगों के कान में ‘गाय’ शब्‍द पड़ता है तो उनके बाल खड़े हो जाते हैं, उनको करंट लग जाता है। उनको लगता है कि देश 16वीं-17 वीं सदी में चला गया है। ऐसे लोगों ने ही देश को बर्बाद कर रखा है। हमारे देश में पशुधन काफी बड़ी बात है, इसके बिना अर्थव्यवस्था, गांव कुछ नहीं चल सकता है। दरअसल, परियोजनाओं की शुरुआत करने के बाद जब पीएम मोदी ने सभा को संबोधित किया तो उन्होंने रवांडा का एक किस्सा सुनाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं पिछले साल रवांडा गया था, वहां से आई खबरों पर देश में तूफान खड़ा कर दिया गया था। कुछ लोग कहते थे कि मोदी वहां 250 गाय तोहफे में देकर आए। इसके बारे में पीएम ने बताया कि रवांडा में एक योजना चल रही है, वहां की सरकार गांव में लोगों को गाय भेंट देती है। अगर बछड़ी होती है, तो सरकार वापस लेकर दूसरे किसानों को देती है।

बता दें कि अक्सर देश में गाय के नाम पर लिंचिंग, गौ रक्षा के नाम पर किसी की पिटाई की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर कुछ हिंदू संगठन, बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा था और राजनीति करने का आरोप भी लगाया था। इसके अलावा भी बीफ के मसले पर पूर्वोत्तर से लेकर केरल तक कई बार राजनीतिक विवाद हो चुका है।

मथुरा में करोडो रुपये की योजनाओं का उद्धघाटन

मोदी ने मथुरा में कचरा बीनने वाली महिलाओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री मथुरा के लिए 1000 करोड़ रु. से ज्यादा की योजनाओं का शिलान्यास किया। मोदी ने वेटरनरी विश्वविद्यालय में पशु आरोग्य मेले का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने मेले में किसानों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों को मिल रहा है या नहीं। पीएम ने प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इसमें नई तकनीकों का प्रयोग किया गया है।

मोदी ने कहा, ‘‘नए जनादेश के बाद कान्हा की नगरी में पहली बार आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इस बार भी पूरे उत्तर प्रदेश का पूरा आशीर्वाद मुझे और मेरे साथियों को प्राप्त हुआ है। देशहित में आपके इस निर्णय के लिए में ब्रजभूमि से आपके सामने शीश झुकाता हूं।’’

भगवन श्री कृष्णा से ले प्रेरणा- मोदी

भारत के पास श्रीकृष्ण जैसा प्रेरणा स्त्रोत रहा है, जिसकी कल्पना पर्यावरण प्रेम के बिना अधूरी है। कालिंदी जिसे यमुना कहते हैं। हरी-गास चरती उनकी धेनु। क्या इसके बिना श्रीकृष्ण की तस्वीर पूरी हो सकती है। क्या दूध, दही, माखन के बिना बाल गोपाल की कल्पना कोई कर सकता है। प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन के बिना जितने अधूरे हमारे अराध्य नजर आते हैं उतना ही अधूरापन हमे भारत में भी नजर आएग। प्रकृति से संतुलन बनाकर ही हम नए भारत की तरफ आगे बढ़ेंगे।’’

उन्होंने कहा कि नदियों, झील और तालाब में रहने वाले प्राणियों का प्लास्टिक को निगलने के बाद जिंदा बचना मुश्किल हो जाता है। सिंगल यूज प्लास्टिक से छुटकारा पाना ही होगा। हमें यह कोशिश करनी है कि इस वर्ष 2 अक्टूबर तक अपने घर, दफ्तर, कार्यक्षेत्र को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें। सिंगल यूज प्लास्टिक यानी ऐसा प्लास्टिक जिसे एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें यह कोशिश करनी है कि इस वर्ष 2 अक्तूबर तक अपने घरों को, अपने दफ्तरों को, अपने कार्यक्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करें। आज स्वच्छता ही सेवा अभियान की शुरुआत हुई है, नैशनल एनीमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम को भी लॉन्च किया गया है। महात्मा गांधी का यह 150वां प्रेरणा का वर्ष है। स्वच्छता ही सेवा के पीछे भी यही भावना छुपी हुई है। आज से शुरू हो रहे इस अभियान को इस बार विशेष तौर पर प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति के लिए समर्पित किया गया है।’

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