सैयद की Library में भगवद गीता सहित जल गई थी 11000 किताबें, लोगों ने मदद कर जमा किए 7 लाख रु

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कर्नाटक के मैसुरू से एक बेहद दुख भरी खबर सामने आई है, जहां कुछ उपद्रवियों ने एक सार्वजनिक लाइब्रेरी को आग के हवाले कर दिया है। इस खबर को लेकर द न्यू इंडियन एक्सप्रेस द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक इस लाइब्रेरी में करीबन 11000 से अधिक किताबें मौजूद थी यह सभी जलकर खाक हो गई है।

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आग लगने के कारण इन किताबों में मौजूद 3000 भगवद गीता की प्रतियां भी जलकर राख हो गई है। बता दें इस लाइब्रेरी का संचालन 62 साल के सैयद इसाक करते थे। इस खबर ने सैयद को झंझोर कर रख दिया है। सैयद ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह 4:00 बजे उन्हें स्थानीय व्यक्ति ने इस बात की सूचना दी कि लाइब्रेरी के अंदर आग लग गई है। इस खबर के बारे में पता चलते ही जैसे वो लाइब्रेरी के पास पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि अंदर मौजूद सभी किताबें जलकर राख हो गई थी।

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सैयद ने बताया कि इस पुस्तकालय में उनके पास कुल 11000 किताबें थी, जिसमें 3000 से अधिक भगवद गीता की प्रतियों के अलावा 1000 प्रतियां कुरान और बाइबिल की प्रतिया भी थी। साथ ही उनकी लाइब्रेरी में और भी कई तरह की किताबें थी। यह सभी किताबें उन्हें दान में मिली थी।

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सैयद पेशे से एक दिहाड़ी मजदूर का काम करते हैं। इसके बावजूद पिछले 10 सालों से कर्नाटका के मैसूर में राजीव नगर और शांति नगर के लोगों के लिए मुफ्त में अपनी इस लाइब्रेरी में अलग-अलग तरह की किताबें उपलब्ध कराते थे। वहीं इस खबर ने देश के एक बड़े तबके का आहत किया है। ऐसे में कुछ लोगों ने सैयद की मदद के लिए एकजुट होकर हाथ बढ़ाया और इन उपद्रवियों को एकता का मैसेज दिया।

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मालूम हो कि दो दिन के अंदर लोगों ने सैयद की लाइब्रेरी बनाने के लिए 7 लाख रुपये इकट्ठे कर लिए है। लोगों का कहना है कि इसाक की लाइब्रेरी एक बार फिर बनेगी और एक बार फिर लोग इस लाइब्रेरी में आकर पढ़ सकेंगे। ये कदम ही उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है, जिन्होंने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया है।

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सैयद ने इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को देकर मामला दर्ज करा दिया है।पुलिस ने आईपीसी की धारा 436 के तहत इस मामले में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

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