मोहन मुंडेरा गांव की इस घटना ने पुरे पूर्वांचल में बना दिया था योगी आदित्यनाथ को मशहूर

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योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ जो आज की तारीख में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाले हुए हैं और एक बेहद सशक्त नेता की छवि में लोगों के सामने हैं। बता दें योगी आदित्यनाथ की एक छवि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही इतनी कड़ी नहीं हुई है वह पहले भी ऐसे ही थे जिसके कई उदाहरण मिलते है। आज हम आपको ऐसी ही एक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बाद योगी आदित्यनाथ पूरे पूर्वांचल में छा गए थे।

बताते चलें कि यह घटना साल 2002 की है जब हिंदू युवा वाहिनी के गठन के करीब 2 महीने बाद कुशीनगर जनपद के मोहन मुंडेरा गांव में एक दलित युवती के साथ बलात्कार और हत्या की घटना घटित हुई थी। बताया जा रहा था कि इस घटना को अंजाम देने वाले स्थानीय विधायक के नजदीकी थे और विधायक के दबाव में पुलिस उन आरोपियों पर कोई मुकदमा नहीं दर्ज कर रही थी।

आरोपी एक विशेष समुदाय के लोग थे मगर जिस व्यक्ति की बहन के साथ ऐसा हुआ था उसके भाई ने यह एलान कर दिया था कि जब तक दोषियों पर हत्या व बलात्कार का केस दर्ज नहीं हो जाता हम अपनी बहन का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद भी किसी तरह का न्याय ना मिलता देख वह कुछ लोगों के साथ गोरखपुर के मशहूर गोरखनाथ मंदिर पहुंचा। जहां पर उसकी मुलाकात सीएम योगी से भी हुई और उन्होंने तब उसे न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया और कुशीनगर के उच्च पुलिस अधिकारियों से बात भी की।

मगर बात तब भी नहीं बनी, जिसके बाद 19 जून 2002 को स्वयं योगी आदित्यनाथ ने उस गांव में जाने का ऐलान कर दिया। योगी का जलवा काफी ज्यादा था और उनके इस ऐलान से तो जैसे खलबली मच गई। जैसे ही पता चला कि जिस क्षेत्र में युवती के साथ बलात्कार व हत्या की घटना हुई वहां पर योगी आदित्यनाथ आने वाले हैं वहां हड़कंप मच गया। आक्रोश तो वहां पहले से ही पनपा हुआ था और योगी आदित्यनाथ जाने की सूचना पाकर लगातार वहां मौके पर लोग भारी संख्या में इकट्ठा होने लगे।

सीएम योगी का बल पाकर लोगों ने गुस्से में दोषियों के घर में तोड़फोड़ भी करनी शुरू कर दी। जब योगी आदित्यनाथ मोहन मुंडेरा ले लिए जा रहे थे उस दिन विशेष समुदाय के लोग जो आरोपी थे वह अपना गांव छोड़कर ही फरार हो गए। हालांकि योगी आदित्यनाथ के गांव में आने के दौरान भारी फोर्स तैनात कर दी गई और रास्ते में ही पुलिस के अधिकारियों ने योगी से मुलाकात कर उनसे आगे ना जाने का आग्रह किया क्योंकि गांव में पहले से ही काफी आक्रोश फैला हुआ था और ऐसे में किसी तरह की भी घटना हो सकती थी।

मगर तब योगी आदित्यनाथ ने उन अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़ितों को समय पर उचित न्याय नहीं मिला तो अच्छा नहीं होगा। आज तो वापस आ रहे हैं मगर कल फिर आ सकते हैं, बेहतर होगा कि आरोपियों के खिलाफ हत्या बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।

बताते चलें कि मोहन मुंडेरा की इस घटना के बाद योगी आदित्यनाथ ना सिर्फ गोरखपुर में बल्कि पूरे पूर्वांचल में छा गए थे। जिस हिंदू युवा वाहिनी का उन्होंने दो महीने पहले गठन किया था उस में हजारों की संख्या में युवा जोड़ने लगे थे और इसके साथ ही सीएम योगी का सिर और ऊंचा होने लगा था।

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