उधार खरीदा लॉटरी टिकट, लगा 6 करोड़ का जैकपॉट दुकानदार ने खरीददार के घर जाकर दे दिए टिकट

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इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर मीडिया चैनलों तक हर कोई एक महिला लॉटरी एजेंट की ईमानदारी के बारे में चर्चा कर रहा है। दरअसल यह महिला लॉटरी एजेंट केरल के अलुवा की रहने वाली है। यहीं रहने वाले पी.के. चंदन ने एजेंट समिझा के. मोहन से अपने लिए समर बंपर लॉटरी का एक टिकट रोक कर रखने के लिए कहा था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि लॉटरी के टिकट के दाम यानी 200 का भुगतान वह बाद में कर देंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर

अब इसे किस्मत का खेल कहिए या कुछ और… कि चंदन ने जिस टिकट के लिए पैसे का भुगतान भी नहीं किया था उसी टिकट नंबर SD 36142 पर छह करोड़ का लॉटरी का जैकपोट प्राइस निकल गया है। खास बात यह है कि समिझा ने लॉटरी लगने के बाद उसे बिना किसी लालच के उसे उसके मालिक तक पहुंचा दिया है। बता दें समिझा के. मोहन पट्टिमोटम में रहती हैं. दो बच्चों की मां 37 वर्षीय समिझा अपने पति राजेश्वरन के राजगिरी अस्पताल के पास लॉटरी टिकट स्टाल चलाती हैं।

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इसी के तहत समिझा ने रविवार को अपने कुछ लॉटरी के कस्टमर को फोन करके कहा कि इस बार की समर लॉटरी के 12 टिकट अभी तक नहीं बिके हैं। ऐसे में अगर वह लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। इस दौरान उन्होंने चंदन को भी फोन किया, तो चंदन ने कहा कि वह आखिर 6142 नंबर वाला टिकट उनके लिए रोक दें, जिसके लिए 200 रूपये का भुगतान हो बाद में करेंगे।

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वही जब लॉटरी निकली तो रविवार शाम को समिझा को इस बात का पता चला कि उन्होंने चंदन का जो टिकट रोक कर रखा था उसी का पहला इनाम निकला है। इसके बाद वह तुरंत ही चंदन का टिकट लेकर उसके घर गई और 200 लेकर टिकट उसके हवाले कर दिया। चंदन उनकी पत्नी लीला, दो बेटियां और एक बेटा समिझा कि ईमानदारी की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं।

चंदन कीझामुंडा डॉन बॉस्को स्कूल में एक गार्डनर के तौर पर काम करते हैं। चंदन का कहना है कि वह पिछले कई सालों से लॉटरी का टिकट खरीद रहे हैं। कई बार उनके कुछ छोटे पुरस्कार निकले हैं, लेकिन इतना बड़ा जैकपॉट उन्हें पहली बार लगा है।

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वहीं इस मामले पर समिझा का कहना है कि लॉटरी का टिकट मैंने उसके विजेता के हवाले कर दिया है। इसके बाद जब उन्होंने अपनी इस लॉटरी की कहानी दूसरे लोगों को बताई तो मेरे पास कई अलग-अलग तरह के लोगों के फोन आए। इनमें से ज्यादातर लोग मेरी ईमानदारी के लिए मेरी तारीफ कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि- मैं इन सभी लोगों से कहना चाहती हूं कि यह हमारे काम का हिस्सा है। हमारा काम इमानदारी पर ही चलता है। हमें ग्राहकों का भरोसा नहीं तोड़ना चाहिए।

समिझा की यह सोच आज लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। ऐसे में यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि सच में समिझा तारीफ के काबिल है।

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