इस खास तकनीक को अपनाकर मां बनी कल्कि, शेयर की डिलीवरी के वक्त की तस्वीर

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कल्कि

बॉलीवुड में कई सारी एक्ट्रेस हैं जो कि अपने अपने गुणों से जानी जाती हैं, ऐसे में हम आज बात करेंगे मशहूर अभिनेत्री कल्कि केकलां की जो कि आजकल मां बनने की वजह से काफी सुर्खियों में हैं। जी हां आपको बता दें कि कल्कि बेहद ही बेबाक व बोल्ड एक्ट्रेस हैं यही कला इनकी ओर हर किसी को खींच लाती है।

बता दें कि हाल ही में उन्होने अपनी एक बेटी को जन्म दिया है, शादीशुदा न होने की वजह से जब ये मां बनी तो हर तरफ कई तरह की बातें होने लगी, क्योंकि उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड गाय हर्षबर्ग से शादी करने से पहले बेटी को जन्म दिया है। हालांकि ये दोनों ही अपने इस खास पल का स्वागत खुशी से किया है, बताया जा रहा है कि कल्कि और उनके बॉयफ्रेंड गाय हर्षबर्ग ने अपनी बेटी का नाम सैफो रखा है।

लेकिन क्या आपको पता है कि मां बनने के लिए कल्कि ने एक अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि इस बात की जानकारी खुद कल्कि ने दी है। जी हां कल्कि ने अपनी बेटी सैफो को वॉटर बर्थ के जरिए जन्म दिया है।

इसके लिए उन्होंने दाई की मदद ली। कल्कि ने अपने इस अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए एक इमोशनल पोस्ट लिखा, इतना ही नहीं साथ ही उन्होंने वॉटर बर्थ की तकनीक के जरिए किस तरह से बेटी को जन्मदिन इस बात का भी जिक्र किया है। कल्कि केकलां ने अपने अकाउंट पर अपनी डिलीवरी के समय की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा की ‘दाई, मैं शब्दों में नहीं बता सकती कि बच्चे को जन्म देना कैसा होता है और ना ही इस शब्द के बारे में कुछ कह सकती हूं।

उन्होने बताया कि यह एक शब्द प्राचीन ग्रीक शब्द है, जिसका मतलब एक सहायक महिला है। जो अब प्रेग्नेंसी, लेबर और जन्म के समय एक महिला दूसरी महिला का सपोर्ट सिस्टम बन चुकी है। ऐसे में मुझे एक दाई के काम के बारे में तब तक नहीं पता चला था जब तक मैं खुद प्रेग्नेंट नहीं हुई थी। इसके अलावा कल्कि ने यह भी कहा कि ‘आप चाहे जितना भी पढ़ें, तैयारी करें या फिर डॉक्टर से पूछें, बच्चों को जन्म देते समय सामने आने वाली परेशानियों को सिर्फ खुद अनुभव करके की जाना जा सकता है।

इस परिस्थिति में एक दाई आपको मसाज करती है, ब्रीदिंग टेक्निक बताती है और अच्छे लेबर के लिए व्यायाम भी बताती है। इसके अलावा वह आपको अस्पताल के लिए बर्थ प्लान, आपके बच्चे के साथ आपकी पहली बॉन्डिंग, ब्रेस्ट फीडिंग और कई जरूरी बातें बताती है। यह बातें जाकर आपको लगेगा कि आप पहली क्लास में वापस आ गए हैं।’

कल्कि अपनी बेटी के नाम को लेकर भी चर्चा करते हुए कहती हैं की सैफो की तो यह ग्रीक भाषा का शब्द है। सैफो एक महिला थीं जिसका जन्म 7वीं शताब्दी में लेसबोस द्वीप के एक समपन्न परिवार में हुआ था। वह जब बड़ी हुईं तो एक प्रतिभाशाली कवि बनीं। लेसबोस में पैदा होने के कारण उन्हें पहली लेस्बियन कवि भी कहा गया।

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