लॉकडाउन में फंसे अक्षय कुमार के रसोइये के घर वापसी की कहानी भी अक्षय की फिल्म से नहीं है कम

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अक्षय कुमार

भारत में लॉकडाउन के चलते बहुत से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा चाहे वो कोई बड़ा नेता या अभिनेता हो या आम आदमी लेकिन जिन -दिक्कतों का सामना आम लोगों ने किया वह काफी अलग थी। इस महामारी के चलते बहुत से प्रवासी मजदूर अपने घर जाने के लिए दर-दर भटके हैं। आज हम जिसके लॉकडाउन का सफर आपको बताने जा रहे हैं वह बॉलीवुड के खिलाडी अक्षय कुमार का रसोइया रविंद्र कुमार दास उर्फ रवि है जिसकी कहानी काफी हैरान करने वाली है लेकिन रवि ने हार नहीं मानी और अपनी मंजिल तक पहुंच ही गए।

दरअसल रवि लॉकडाउन के चलते अपने घर नहीं जा पाएं थे और वह मुंबई में ही फंस गए थे और स्तिथि के सामान्य होने का इंतज़ार कर रहे थे। ढाई साल से रवि अक्षय के यहां काम कर रहे हैं। रवि ने अपने घर तक के सफर के बारे में बताते हुए कहा कि बिरनी के दशरथ वर्मा अपनी टैक्सी लेकर मुंबई में चलाते हैं। मुंबई में जब कोरोना संक्रमण फैल गया तो सभी लोग घर वापस लौटने के लिए परेशान हो गए थे।

दशरथ वर्मा अपने परिवार के साथ अपनी टैक्सी से घर लौट रहे थे। मैंने उससे संपर्क किया। रवि दशरथ के साथ 16 हजार रुपये किराए पर उसकी कार से 8 मई की सुबह गिरिडीह के लिए निकले और 9 जून की सुबह मालेगांव पहुंचे लेकिन आगे का सफर इतना आसान नहीं था। उनकी कार तेज रफ्तार के कारण धुले के निकट एक पत्थर पर चढ़ गई जिसके चलते कार का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके बाद उन्होंने कार मिस्त्री को दिखाई लेकिन कार का धुले में इंजन नहीं मिला और दो दिन के बाद मुंबई के एक गैरेज वाले से संपर्क किया। वहां से मिस्त्री एक गाड़ी लेकर आया। उसने हमारी गाड़ी को टोचन कर मुंबई वापस लाया। मुंबई में आने के बाद रवि ने बताया कि वह बिरनी के ही सुमित जो की एक टैक्सी चालक था उसके यहां रुका और बाद में उसके दोस्त के पास एक पुरानी बाइक के बारे में पता पड़ा जिसे वह बेचने को तैयार था।

बाइक को 15 हजार रुपए में खरीदकर रवि वापस गिरिडीह चल पड़े। 11 मई की सुबह सुमित और रवि गिरिडीह के लिए निकले। बाइक झांसी तक पहुंचकर खराब हो गयी और फिर उन्होंने उसकी मरम्मत कराई और 17 मई की रात करीब दस रवि बिरनी स्थित अपने घर पहुंच गए। इस महामारी के चलते रवि ने समझदारी का परिचय दिया और देवरी राजकीय अस्पताल जाकर अपनी जांच कराई जिसके बाद उन्हें उनके घर में 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन किया।

अक्षय और ट्विंकल खन्ना ने रवि की जानकारी ली कि वह सही सलामत घर पहुंचे कि नहीं। इस पर रवि ने बताया कि ‘मेरी परेशानियों की जानकारी जब साहब अक्षय कुमार और मैडम ट्विंकल खन्ना को हुई तो वे लोग भी काफी परेशान हो गए। सकुशल घर पहुंचने की जानकारी मैंने उन्हें फोन कर दे दी।’

बता दें कि 2004 में रवि अपने ममेरे भाई भोला के साथ मुंबई गए थे और उन्होंने महेंद्र कपूर की बेटी बिनू सहगल के घर पर छह साल तक काम किया। वहां काम छूटने के बाद दो साल बाद उन्होंने दिल्ली जाकर रसोइये का प्रशिक्षण लिया। बाद में उन्होंने अक्षय कुमार के यह काम करना शुरू किया और आज भी वह यहीं काम कर रहे हैं।

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