भारत के 5 ऐसे मंदिर जहां नहीं जा सकते पुरुष, सिर्फ महिलाएं कर सकती हैं प्रवेश और पूजा

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भारतीय संस्कृति आध्यात्मिक और पौराणिकता से जुड़ी हुई है। भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जहां महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी है, लेकिन ऐसे में बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि भारत में कई ऐसे मंदिर भी है जहां पर पुरुषों के प्रवेश पर पाबंदी है। आइए आज हम आपको भारत के पांच ऐसे मंदिरों के बारे में बताएं, जहां सिर्फ महिलाओं के लिए ही मंदिरों के द्वार खोले गए हैं वहां पुरुषों का जाना बैन है।

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केरल में अट्टूकल भगवती मंदिर

केरल के अट्टूकल भगवती मंदिर में सिर्फ महिलाओं को ही पूजा करने का अधिकार है। इस मंदिर में महिलाओं का वर्चस्व है। यहां हर साल पोंगल के खास मौके पर लाखों संख्या में महिला श्रद्धालु आती है। पोंगल त्योहार के दौरान मनाए जाने वाला यह खास कार्यक्रम 10 दिनों तक चलता है।

इसे नारी पूजा भी कहते हैं। इस दौरान पुरुषों के यहां प्रवेश करने पर पाबंदी होती है। इस मंदिर का नाम गिनीज वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है, यहां के पुरुष पंडित दिसंबर में महिलाओं के लिए 10 दिन का उपवास रखते हैं और पहले शुक्रवार को महिला श्रद्धालुओं के पैर धोते हैं। इस दिन को धनु कहा जाता है।

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बिहार में राजराजेश्वरी माता मंदिर

बिहार के मुजफ्फरपुर का माता का मंदिर आमतौर पर तो सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला होता है, लेकिन ऐसा कहा जाता है कि मंदिर में विराजमान षोडशी देवी कुमारी कन्या हैं। वह महीने में 4 दिन राजस्वला(पीरियड) में होती है। इस दौरान कोई भी पुरुष मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकता और मंदिर के इस नियम का खास तौर पर बेहद सख्ती से पालन किया जाता है। बता दें इस दौरान मंदिर के पुजारी को भी गर्भग्रह में जाने की अनुमति नहीं होती।

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आंध्र प्रदेश का कामाख्या मंदिर

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम का कामाख्या मंदिर दुनियाभर में प्रसिद्ध है इस मंदिर परिसर में सिर्फ महिलाओं को ही पूजा करने का अधिकार है बता दें इस मंदिर के पुजारी भी एक महिला ही है इस मंदिर में पुरुषों के प्रवेश पर सख्ती से पाबंदी है।

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राजस्थान में ब्रह्मा जी मंदिर

राजस्थान के पुष्कर में स्थित ब्रह्मा जी का यह मंदिर शादीशुदा पुरुषों के लिए बंद होता है। इस मंदिर में शादीशुदा पुरुषों के जाने पर सख्ती से पाबंदी लगाई गई है। ऐसा कहा जाता है कि यह दुनिया में ब्रह्मा जी का एक अकेला मंदिर है। इसे लेकर यह कथा भी प्रचलित है कि भगवान ब्रह्मा ने पुष्कर झील में पत्नी देवी सरस्वती के साथ एक यज्ञ किया था, लेकिन सरस्वती जी किसी बात पर नाराज हो गई तब उन्होंने मंदिर को श्राप दिया कि किसी विवाहित व्यक्ति को आंतरिक परकोटे में जाने की इजाजत नहीं होगी। अन्यथा उसके व्यवहारिक जीवन में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो होंगी।

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कन्याकुमारी में कुमारी अम्मन मंदिर

कन्याकुमारी में स्थित कुमारी अमन मंदिर के गर्भ गृह में मां भगवती दुर्गा की प्रतिमा है। यहां ब्रह्मचार्य और सन्यासियों को केवल मंदिर में जाने की अनुमति है, जबकि इस मंदिर में शादीशुदा पुरुषों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने पर पाबंदी है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए तपस्या की थी। मंदिर में केवल महिलाएं ही जा सकती है। बता दे यहां भगवती के कन्या रूप की पूजा की जाती है। इस मंदिर की यह कथा दुनियाभर में प्रचलित है।

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