बिना कोचिंग, बिना मदद किसान के बेटे ने पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता

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farmer's son achieved the first attempt Without coaching without help
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मध्यप्रदेश, आज हम आपको एक किसान के बेटे की सफलता की बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने बिना किसी कोचिंग के, बिना किसी मदद के पहले ही प्रयास में UPSC की परिक्षा में सफलता का मुकाम हासिल किया है। इनका नाम संदीप पटेल हैं और ये मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। संदीप पटेल ऐसे पहले अभ्यार्थी हैं जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की। इस साल अगस्त महीने में आए रिजल्ट सूचि में उनका भी नाम शामिल है। संदीप पटेल ने इस परिक्षा में 464वीं रेंक हासिल की है।

Sandeep Patel Success Story
Sandeep Patel Success Story

खास बात ये है कि साधारण से परिवार से आने वाले संदीप पटेल ने बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास किया है। उनके सामने परीक्षा पास करने के लिए अनेकों चुनौतियां थी जिन्हें हराकर वे अब आईएएस ऑफिसर बन गए हैं। संदीप का जन्म तो दमोह जिला में हुआ है लेकिन पन्ना जिले के पवई नगर में अपने ननिहाल में रहकर उन्होंने पहली से बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की।

छोटे से गांव डोली तहसील के रहने वाले संदीप ने बचपन से ही अपने नाना के यहाँ रह कर नगर सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा 12 तक की पढाई कर आगे की शिक्षा दिल्ली में गृहण की। दरअसल संदीप एक साधारण किसान परिवार से हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर नहीं रही साथ ही पिता को गले का कैंसर होने की वजह से वह बेटे की पढाई में ज्यादा सहयोग नहीं कर सके। ऐसे समय में संदीप के नाना-नानी ने उन्हें पढाने की जिम्मेदारी ली।

Sandeep Patel passed UPSC in first attempt
Sandeep Patel passed UPSC in first attempt

संदीप ने अपनी शिक्षा ननिहाल में रहकर ही पूरी की। ग्रेजुएशन के लिए वो दिल्ली आ गए और दिल्ली विश्विद्यालय से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू की। लेकिन कोचिंग के लिए उनके पास पैसा नहीं था। इसलिए उन्होंने आनलाइन पढ़ाई कर इसकी पूर्ति की। जब उनका मैन्स क्लियर हुआ तो इंटरव्यू के लिए उन्होंने कुछ क्लासेस लीं। फरवरी माह में चयन हो चुका था इंटरव्यू बाकी था।

Sandeep Patel Success Story
Sandeep Patel Success Story

बात दें कि कोरोना संक्रमण के कारण इंटरव्यू लेट हुआ। जब रिजल्ट आया तो इसकी खुशी गांव भर में दिखाई दी। संदीप ने बताया कि मै मध्यम वर्गीय परिवार से हूं पिताजी किसान है और मां गृहणी है। संदीप ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता सहित अपने नाना-नानी और गुरुजनों को दिया है।

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