दीपावली पर ऐसे उपहार ना करे आदान-प्रदान, शास्त्रों में माना गया है बहुत ज्यादा अशुभ

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diwali 2019 gift

पूरे देशभर में दिवाली (Diwali 2019) को लेकर माहौळ में रंगत जमी हुई है। सालो बाद अपनों के साथ दिवाली (Diwali) का त्यौहार सेलिब्रेट करने का मजा ही कुछ और होता है। दिवाली का पर्व नजदीक है। 27 अक्टूबर को देशभर में दीपों का पर्व दीपावली मनाई जाएगी। दीपावली की तैयारियां बहुत पहले से ही होने लगती है। लोग अपने घर की साफ-सफाई करते हैं ताकि मां लक्ष्मी का आगमन हो। दिवाली के अवसर पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को गिफ्ट देने का चलन है।

हम उपहार में देने के लिए बहुत-सी चीजें खरीदते हैं। कई बार हमें इन दिए गए उपहारों के प्रभाव के बारे में जानकारी भी नहीं होती। कई बार लोग भूलवश एक दूसरे को कुछ ऐसे गिफ्ट दे देते हैं जिसका नकारात्मक प्रभाव दोनों पर पड़ता है। शास्त्रों में कुछ उपहार वर्जित और अशुभ माना गया है। यहां जानिए, दिवाली के पावन पर्व पर आपको अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को क्या चीजें उपहार में देनी चाहिए और क्या नहीं देनी चाहिए। तो आइये जानते है थोड़ा विस्तार से।

महाभारत चित्र का उपहार होता है अशुभ

भगवान कृष्ण और अर्जुन को कुरुक्षेत्र के युद्ध में गीता का उपदेश देते हुए का चित्र न तो किसी को उपहार में किसी को देना चाहिए और न ही घर की दीवार पर लगना चाहिए। अक्सर लोग दिवाली के समय एक दूसरे को देवी-देवताओं के चित्र को देते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान हमेशा रखना चाहिए कि ऐसे चित्र जिनमें देवता उग्र अवस्था में या युद्ध करते हुए दिखाई दें, उपहार में नहीं देना चाहिए। शास्त्रों में ऐसे उपहार जैसे रामायण, महाभारत, ग्रहण, जंगली जानवर, अकाल और सूर्यास्त की तस्वीरों को उपहार में ना ही किसी को देना चाहिए और ना ही लेना चाहिए।

लक्ष्मी मूर्ति का रखे ध्यान

दिवाली पर मां लक्ष्मी का इंतजार सभी करते हैं। ऐसे में अगर किसी को उपहार में मां लक्ष्मी की फोटो देनी हो तो हमेशा बैठी हुई मां लक्ष्मी की अवस्था का चित्र ही देना चाहिए। शास्त्रों में लक्ष्मीजी का घर में बैठना अथवा स्थिर अवस्था में ही शुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, दिए गए उपहार से न केवल इसे लेनेवाले की बल्कि देनेवाली की किस्मत भी बनती बिगड़ती है। इस अवसर पर किसी को भी पानी से संबंधित कोई वस्तु नहीं देनी चाहिए। क्योंकि यह मां लक्ष्मी से संबंधित पर्व होता है और उनका वास जल में होता है। जल अस्थिरता का प्रतीक है। समृद्धि के लिए स्थायीत्व वाली चीजें उपहार में दे।

काँटेदार उपहारों से बनाये दूरी

नीचे गिरते हुए झरने के पानी का चित्र भी उपहार में नहीं देना चाहिए और न ही किसी से लेना चाहिए। उपहार में कभी भी कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस या बोनसोई के पौधे नहीं देना चाहिए। यह लेने और देने वाले दोनों के लिए अशुभ होता है। उपहार में नुकीली चीजों को नहीं देना चाहिए ऐसा करने से उपहार देने वाले और लेने वालो के बीच में कटुता पैदा होती है।

दिवाली पर ऐसे उपहार ना दें

दिवाली और धनतेरस के अवसर पर नुकीली चीजें खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही ऐसी कोई वस्तु जिसमें तीखे किनारे हों, अपने दोस्तों और परिवार को उपहार में भी नहीं देनी चाहिए। साथ ही अगर किसी को बर्तन उपहार में दे रहे हैं तो पानी का जग, ग्लास देने से बचना चाहिए। सोने चांदी के सिक्के जिन पर लक्ष्मी गणेश अंकित हों उन्हें भी उपहार में देने से बचना चाहिए। यह देने वाले के लिए शुभ नहीं माना जाता है।

उपहार में इन चीजों को देना रहेगा शुभ

दीपावली के अवसर पर या धनतेरस पर किसी को उपहार देते समय अष्टधातु से बनी हुई कोई वस्तु न दें। कोई भी मिश्रित धातु की चीजें भी उपहार में नहीं देना चाहिए। आप देना चाहें तो सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण दे सकते हैं लेकिन ध्यान रखें कि उन पर गणेश, लक्ष्मी या कुबेर अंकित ना हों। दीपावली पर लक्ष्मी और गणपति की प्रतिमा भूलकर भी किसी को भेंट में न दें। ऐसी मान्यताएं है कि ऐसा करके आप अपना सौभाग्य किसी और को दे देते हैं। यानी आप अपनी लक्ष्मी किसी अन्य को दे रहे हैं।

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