रियल हीरो सोनू सूद! सरकार से की ये खास अपील, बोले- ‘अंतिम संस्कार का खर्च उठाए सरकार’

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भारत में कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इसका जबरदस्त तरीके से स्वास्थ्य के अलावा सभी व्यवस्थाओं पर कुप्रभाव पड़ा है। यूं तो कोरोना ने बिना अमीरी-गरीबी, उम्र देखे सभी को अपनी जद में लिया है लेक‍िन गरीब पर‍िवार इससे सबसे ज्यादा प्रभाव‍ित हुए हैं। अस्पताल ले जाने का खर्च, ऑक्सीजन, एंबुलेंस, दवा के इंतजाम से लेकर पर‍िजनों के अंतिम संस्कार तक, गरीबों के कंधे पर बहुत बड़ा बोझ बन गया है।

इस आपदा से उभरने के लिए कई लोग अपने-अपने तरीके से मदद कर रहे हैं। अभिनेता सोनू सूद कोरोना मरीजों और पीड़ितों की सहायता में लगातार एक साल से लगे हुए हैं। लेकिन इस दौरान कुछ लोगों के छूट जाने का उनको मलाल भी है। इसके लिए उन्होंने एक वीडियो शेयर कर सभी राज्य सरकारों से आगे आने की अपील की है।

सोनू सूद की सरकार से ये खास अपील

शनिवार को इंस्टाग्राम पर अभिनेता सोनू सूद ने एक वीडियो शेयर किया। सोनू ने वीड‍ियो के जर‍िए सरकार से श्मशान घाट में लोगों की अंतिम यात्रा का खर्च उठाने की अपील की है। सोनू से एक मरीज की आपबीती सुनाते हुए बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा:-

‘नमस्कार मैं आपसे एक छोटा सा किस्सा शेयर करना चाहता हूं। कल रात तीन बजे तक मैं किसी को बेड दिलाने की कोशिश कर रहा था। हमने उसे बेड दिला भी दिया। फिर उसका संघर्ष शुरू हुआ वेंटिलेटर के लिए। सुबह तक हमने वेंटिलेटर का भी इंतजाम करवा दिया।’

लेक‍िन तब तक वो मरीज चल बसे…फिर हमारी जंग शुरू हुई उसके अंतिम संस्कार करने के लिए. जगह नहीं मिल रही थी, उनके पास पैसे नहीं थे, हमने उसके अंतिम संस्कार का भी इंतजाम किया।

इसके बाद हमने उनके अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था कर दी। इस दौरान मेरे मन मे एक विचार आया। आज देश का हर इंसान चाहे वो गरीब हो या अमीर, उसका स्ट्रगल शुरू होता है घर से। उसके बाद ऑक्सीजन, फिर अस्पताल, फिर बेड, फिर आईसीयू, वेंटिलेटर और श्मशान तक यह जारी रहता है।

उन्हें वहां भी जगह नहीं मिलती है। बहुत लोगों के पास पैसे नहीं हैं.. हम लोग बहुत लोगों की मदद कर रहे हैं लेक‍िन फिर भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो हम तक नहीं पहुंच पाते हैं।

सोनू सूद ने कहा कि ‘हम लोगों की मदद कर रहे हैं, लेकिन सबके पास पहुंचना मुश्किल है। सभी लोग हम तक अपनी समस्या नहीं पहुंचा पा रहे हैं। मेरी सभी सरकार से अपील है कि वो कोई ऐसा नियम बनाएं कि अंतिम संस्कार में पैसा न लगे। यह सेवा सभी के लिए जल्द उपलब्ध कराई जाए।’

अंतिम संस्कार में 15-20 हजार का खर्चा

मैं आज सभी सरकारों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि आप एक ऐसा कानून जल्द से जल्द निकालें कि कोई भी श्मशान घाट जहां पर अंतिम संस्कार होते हैं उसका खर्चा ना लगे। करीबन तीन से साढ़े तीन हजार लोग हम हर रोज खो रहे हैं।

एक व्यक्त‍ि के अंतिम संस्कार का खर्चा औसत रूप से 15 से 20 हजार का लगता है, तो लगभग 6 से 7 करोड़ का खर्चा है देशभर के अंदर। अगर सरकार ये खर्चा उठाए तो बहुत सारे पर‍िवार जिनके पास पैसे नहीं हैं, साधन नहीं है वे अपने पर‍िवार वालों के अंतिम यात्रा को आराम से कर सकते हैं।

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