छात्र ने प्रिंसिपल मैडम को लिखा ‘लव लेटर’, तो स्कूल ने सजा के नाम पर बांध दिए हाथ-पैर और…

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andhra government school boys wrote love letter to principal

आंध्र प्रदेश (Andhra School) के एक स्‍कूल और उसके श‍िक्षकों की सोशल मीडिया पर जोरदार आलोचना की जा रही है। वजह दो तस्‍वीरें हैं, जिनमें दो बच्‍चे स्‍कूल में बेंच से बंधे हुए दिख रहे हैं। आरोप है कि यह कारनामा स्कूल की प्रिंसिपल के आदेश पर किया गया। वंही इस मामले में बच्‍चों की गलती यह बताई जा रही है कि उनमें से एक ने प्रिंसिपल मैडम को लव लेटर लिख दिया था।

खबरों के अनुसार, सरकारी स्‍कूल में तीसरी कक्षा के छात्र ने अपनी ही प्रिंसिपल मैडम को लव लेटर(Love Letter) लिख डाला। वह काफी दिनों से दिल की बात कहना चाह रहा था, लेकिन हिम्‍मत नहीं जुटा पा रहा था। बाद में उसने अपने 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले दोस्‍त की मदद ली और लेटर लिख डाला। इसके बाद दोनों मासूम बच्चों को रस्सी से बांध दिया गया। दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद स्‍कूल और उसके श‍िक्षकों की खूब आलोचना हो रही है।

एक ने लव लेटर लिखा, दूसरा शोर मचा रहा था

Image Source: Social Media

अनंतपुर जिले के कादिरी नगर पालिका में मासानम्पेट अपर प्राइमरी स्कूल में जिन बच्‍चों को यह दंड दिया गया उनमें से एक तीसरी कक्षा, जबकि दूसरा पांचवी का छात्र है। दरअसल, लेटर पढ़ने के बाद प्रिंसिपल को विश्‍वास ही नहीं हुआ कि आखिर कोई स्‍टूडेंट ऐसा कैसे कर सकता है। जिसके बाद मैड़म ने दोनों मासूम बच्चों को रस्सी से बांधवा दिया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले में स्‍कूल प्रिंसिपल के ख‍िलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की मांग की है। बताया जाता है कि इनमें से एक बच्‍चे ने लव लेटर लिखा है, जबकि दूसरा बच्‍चा क्‍लास में शोर मचा रहा था।

प्रिंसिपल ने किया इंकार-

यह मामला तब सामने आया, जब बच्‍चों के माता-पिता ने इस बारे में स्‍थानीय मीडिया से बात की। बच्‍चों के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके बच्‍चों के हाथ-पैर को रस्‍सी से एक बेंच से बांधा गया है। लेकिन स्‍कूल प्रिंसिपल श्रीदेवी ने इस आरोप के खारिज करते हुए लड़को को मां-बाप पर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्‍चों को बांधने का काम उनके पैरेंट्स ने किया है। हालांकि, वह इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे पाईं कि पैरेंट्स ने बच्‍चों को स्‍कूल में क्‍यों बांधा?

वंही इस घटना पर बच्‍चों का कहना है कि स्‍कूल के लिए ऐसे दंडित करना कोई नई बात नहीं है। वहां बच्‍चों को अक्‍सर इसी तरह दंड‍ दिया जाता है। मामला जब निगम प्रशासन के रीजनल डायरेक्‍टर के पास पहुंचा तो उन्‍होंने जांच के आदेश दे दिए। मामला जब निगम प्रशासन के रीजनल डायरेक्‍टर के पास पहुंचा तो उन्‍होंने जांच के आदेश दे दिए।

जिसके बाद आंध्र प्रदेश बाला हक्कुला संघ के अध्यक्ष अच्युत राव ने जिला कलेक्टर और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास शिकायत दर्ज करवाई है। उन्‍होंने स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जबकि जिला कलेक्टर ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की चेयरपर्सन नलनी राजेश्वरी ने भी इस बाबत कलेक्‍टर से मुलाकात की।

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