ज्योतिष शास्त्र: इस छोटे से उपाय से दूर करे 9 ग्रहों के दोष, जीवन में आएगी सुख शांति

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Kundli Grah Dosh Upay

ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार कुंडली (Horoscope) में ग्रह दोष होने से व्यक्ति की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। भाग्य का साथ नहीं मिलता है। ऐसे समय में ब्यक्ति विपरीत परिस्थितयो में घिर जाता है। ऐसे में ब्यक्ति गृह दोषो से मुक्ति के लिए कई उपाय करता है। ग्रह दोष को खत्म करने के लिए कुछ ज्योतिष उपाय किए जाते हैं। ग्रह दोषों को दूर करने के लिए कुंडली का अध्ययन करना जरूरी होता है। लेकिन कई बार बिना कुंडली देखें ही कुछ उपाय किए जा सकते हैं। जिनको करके ब्यक्ति स्वयं अपने गृह दोषो से निजात पा सकता है। आज हम आपको अपने इस लेख में कुछ ऐसे ही ज्योतिष उपायों के बारे में बताने बाले है, जिनको करके आप गृह दोष से निजात पा सकते है।

प्राचीन काल से समय और कुंडली की गड़ना के लिए गृह नक्षत्रो का प्रयोग होता आ रहा है। ग्रहो की चाल और समय को परख जातक के भविष्य का सही पता लगाया जा सकता है। ग्रहो की स्थिति ब्यक्ति के जीवन में सुख और दुःख का भाव लाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गृह नक्षत्रो का रुख ब्यक्ति के जीवन में भोग बिलास और सौंदर्य का कारन बनता है। इसी के साथ ब्यक्ति के जीवन चाल को भी गृह नक्षत्र सबसे ज्यादा प्रभाबित करते है। ऐसे में गृह दोष होना ब्यक्ति के जीवन में तमाम तकलीफो का कारक बनता है। तो आइये जानते है, गृह दोष निवारण ज्योतिष उपाय।

गृह दोष ज्योतिष उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि प्रक्रिया का क्रम बीच में खंडित हो जाए तो पुनः विधिवत् इन प्रयोगों को फिर से पूर्ण करना चाहिए। सभी नौ ग्रहों की शांति के हेतु सूखे नारियल के अंदर घी व खांड भरकर सुनसान जगह में स्थित चीटियों के बिल के अंदर गाड़ने से तत्काल ग्रह शांति होती है। इसके अतिरिक्त सभी नौ ग्रहों के दोषों के विधिवत् उपायों से भी ग्रह शांत होते हैं।

चंद्र गृह दोष उपाय

किसी जातक की कुंडली के गोचर में चंद्र निर्बल व पाप ग्रस्त हो तथा कुंडली में छठे, आठवें, दसवें व बारहवें भाव में स्थित हो तो इस कारण मानसिक पीड़ा, जल तत्व से जुड़ा रोग व पद व गुण हानि की समस्याएं आती हैं। उपाय- रात को दूध का सेवन न करें। जल व दूध को ग्रहण करते समय चांदी के पात्र का प्रयोग करें। सोमवार के दिन दरिया की बहती जलधारा में मिश्री व चावल को सफेद कपड़े में बांधकर प्रवाहित करें। सोमवार के दिन अपने दाहिने हाथ से चावल व चांदी का दान करें। कुंडली से चंद्र दोष को दूर करने के लिए हर महीने की पूर्णिमा की रात को चंद्रदेव को जल चढ़ाने से कुंडली में चंद्रमा के दोष दूर हो जाता है।

मंगल गृह दोष उपाय

किसी जातक के गोचर में मंगल निर्बल व पाप ग्रस्त हो तथा कुंडली में चौथे व आठवें भाव में अकेला विराजमान हो तो इस अकारक अवस्था के कारण रक्त विकार, क्रोध, तीव्र सिर दर्द, नेत्र रोग व संतान हानि जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। उपाय- बुआ अथवा बहन को लाल कपड़ा दान में दें। मंगलवार के दिन मसूर की दाल का दान करने से कुंडली से मंगल दोष खत्म होते हैं। अगर कुंडली में मंगल दोष दूर हो जाता है तो व्यक्ति के भूमि और मकान से जुड़ी हुई परेशानियां समाप्त हो जाती है। मंगलवार को दरिया की बहती जलधारा में रेवड़ी व बताशा प्रवाहित करें। मूंगा, खांड, मसूर व सौंफ का दान करें। नीम का पेड़ लगाएं। मीठी तंदूरी रोटी कुत्ते को खिलाएं। रोटी पकाने से पहले गर्म तवे पर पानी की छींटे दें।

बुध गृह दोष उपाय

Budh Grah Dosh

किसी जातक के गोचर में बुध नीच, अस्त व पाप ग्रस्त हो तथा कुंडली में चौथे भाव में स्थित हो तो आत्मविश्वास में कमी, नशे, सट्टे व जुए की लत, बेटी व बहन को कष्ट, मानसिक तथा गले से संबंधित रोगों का सामना करना पड़ सकता है। उपाय- अगर किसी की कुंडली में बुध ग्रह से संबंधित दोष है तो हर बुधवार को गणेशजी को दूर्वा घास अर्पित करें। बुधवार के दिन भीगी मूंग का दान करें। मिट्टी के घड़े या पात्र में शहद रखकर किसी वीराने स्थान पर दबाएं। कच्चा घड़ा दरिया में प्रवाहित करें। तांबे का सिक्का गले में धारण करें। सुहागिन स्त्रियों को भोजन कराएं व चूड़ी दान में दें। चौड़े हरे पत्ते वाले पौधे अपने घर की छत के ऊपर लगाएं।

गुरु गृह दोष उपाय

किसी जातक के गोचर में गुरु नीच, वक्री व निर्बल हो तथा कुंडली में छठे, सातवें व दसवें भाव में स्थित हो तो मान-सम्मान में कमी, अधूरी दक्षिणा, गंजापन, झूठे आरोप, पीलिया आदि जैसे रोग व समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। उपाय- कुंडली से गुरु ग्रह के दोष को दूर करने के लिए हर गुरुवार को भगवान विष्णु को केले का भोग लगाएं। माथे पर नित्य हल्दी अथवा केसर का तिलक करें। पीपल का वृक्ष लगाएं तथा केसर का तिलक करें। दरिया में गंधक प्रवाहित करें। ब्राह्मण को पीले रंग की वस्तु दान में दें।

शुक्र गृह दोष उपाय

किसी जातक के गोचर में शुक्र अशुभ हो तथा कुंडली में पहले, छठे व नौवें भाव में स्थित हो तो चर्म रोग, स्वप्न दोष, धोखा, हाथ की अंगूठी आदि निष्क्रिय होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ज्योतिष उपाय- 43 दिनों तक किसी गंदे नाले में नीले फूल डालें। स्त्री का सम्मान करें। इत्र लगाएं। दही का दान करें। साफ सुथरे रहें तथा अपने बिस्तर की चादर को सिलवट रहित रखें।

शनि गृह दोष उपाय

गोचर में शनि के अशुभ तथा कुंडली में पहले, चौथे, पांचवें व छठे भाव में स्थित होने की अवस्था को आर्थिक हानि, कानूनी समस्या, गठिया रोग, पलकों के झड़ने, कन्या के विवाह में विलंब, आग लगने, मकान गिरने, नौकर के काम छोड़ने आदि घटनाओं का कारक माना गया है। ज्योतिष उपाय- लोहे का छल्ला अथवा कड़ा धारण करें। मछलियों को आटे की गोलियां खाने को दें। अपने भोजन का पहला कौर कौए को दें। सुनसान जगह के सतह पर सुरमा दबाएं।

राहु गृह दोष उपाय

किसी जातक की कुंडली में राहु अशुभ व शत्रु ग्रह से युक्त हो तथा पहले, पांचवें, आठवें, नौवें व बारहवें भाव में स्थित हो तो शत्रुता, दुर्घटना, मानसिक पीड़ा, क्षय रोग, कारोबार में हानि, झूठे आरोप आदि की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। ज्योतिष उपाय- मूली दान में दें। जौ को दूध में धोकर दरिया में प्रवाहित करें। कच्चे कोयले को दरिया में प्रवाहित करें। हाथी के पांव के नीचे की मिट्टी कुएं में डालें।

केतु गृह दोष उपाय

किसी जातक की कुंडली व गोचर में अशुभ केतु फोड़े-फुंसी, मूत्राशय से संबंधित रोग, रीढ़ व जोड़ों का दर्द, संतान हानि आदि जैसी समस्या का कारक माना गया है। ज्योतिष उपाय- कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। मकान के नीव की सतह पर शहद दबाएं। कंबल दान में दें। सफेद रेशम के धागे को कंगन की तरह हाथ में बांधे।

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